Tuesday, 8 November 2016

कुँवर मानसिंह - बिहार के गवर्नर के रूप में

कुँवर मानसिंह - बिहार के गवर्नर के रूप में

अबुल फ़ज़्ल के अनुसार मानसिंह बिहार में दिसम्बर 1587 से मार्च 1594 तक रहे ।
मानसिंह के नियुक्त किये जाने के समय बिहार की हालात कुछ अराजकता पूर्ण थी । एक तरफ छोटे छोटे सरदार लोग थे जो आपसी लड़ाइयों तथा मतभेदों में अपनी शक्ति का अपव्यय करते थे और गवर्नर को कुछ नही समझते थे ।

दूसरी और छोटे पठान और अफगान शासक थे जो सत्ता के विरूद्ध विद्रोह में उठ खड़े होते थे । इस प्रकार बिहार के गवर्नर के लिये ये खासा सिरदर्द बने हुए थे । बिहार का प्रान्त छोटे झगड़ो, पारस्परिक संघर्षों और आन्तरिक अशांति के कारण टूकड़े टुकड़े हो रहा था । वास्तव में मानसिंह को बड़ी कठिन स्तिथि का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने अवसर के अनुकूल शक्ति और दृढ़ निश्चय से प्रान्त में शांति व्यवस्था कायम करने का काम हाथ में लिया ।

पर इसके पूर्व कि मानसिंह बिहार में अच्छी प्रकार जम पाते एक बड़ी विपति टूट पड़ी । उनके पिता भगवन्तदास कि लाहौर में 13 नवम्बर 1589 को मृत्यु हो गयी । वह लाहौर राजा टोडरमल के दाह संस्कार में सम्मिलित होने के लिये गए थे जिनकी मृत्यु लाहौर में 8 नवम्बर 1589 में हो गयी थी ।
कुँवर मानसिंह आमेर की गद्दी पर 14 फरवरी 1590 को बैठे जयपुर वंशावलि अनुसार ।।

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