Monday, 20 February 2017

क्षत्रिय परिवार में चार जागरण की अनिवार्यता


क्षत्रिय के लिए शास्त्रों के अनुसार एक वर्ष में प्रत्येक क्षत्रिय परिवार में चार जागरण की अनिवार्यता बताई गई हैं !

1.कालरात्रि-
दीपावली की रात्रि है ।
महालक्ष्मी के साथ काली की प्रतिक काली स्याही की पूजा करे सा, जिससे दुष्ट शक्तियों व दुष्ट प्रवृत्तियों से रक्षा तथा लक्ष्मी की वृद्धि होती है सा ।


2 . मोहरात्रि -
कृष्ण जन्माष्टमी ही मोहरात्रि है सा ।इस रोज रात्रि जागरण से मोह का नाश होता है व परिवार विग्रह व कलह से बचता है सा ।

3.दारूणरात्रि-
होलिका की रात्रि दारूणरात्रि है सा ।इस रात्रि को जागरण से दुष्ट शक्तियों का प्रभाव क्षीण होता है सा ।

4.महारात्रि-
महाशिवरात्रि की रात्रि महारात्रि है ।इस रोज जागरण कर मध्यरात्रि में शंकर भगवान् का पूजन करने से परिवार में एकता स्थापित होती है
इस रात्रि जागरण में क्षत्रियोंचित संस्कारों के साथ अपने इष्ट के नाम(मंत्र) जप करते हुए रात्रि जागरण परिवार सहित करें सा, निश्चित रूप से परिवार में फर्क पडेगा ।

"जय क्षात्र धर्म "
" संघै शक्ति कलौ युगै "

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