Saturday, 1 August 2015

राव सिहाजी से धुहङ जी

राव सिहाजी से धुहङ जी

राव सिंहाजी (1273 ई. ) 
राव आस्थान जी ( 1272-1292)

ये मारवाड़ में राठौड़ राज्ये की स्थापना करने वाले राव सिंहाजी के पुत्र थे ।

आस्थान जी ने पाली से हटकर भदोच नामक स्थान पर शक्ति संचय किया और खेड़ पर अधिकार किया । इसके बाद भील सरदार को हराकर ईडर छिन लिया तथा अपने भाई सोनग जी को दे दिया ।

सोनग जी के वंशज ईडर से ईडरिया व हटूण्डी से हटूण्डिया राठौड़ कहलाये ।



जलालुद्दीन खिलजी कि सेना पाली पर चड़ आयी तब आस्थान जी 140 वीरो सहित घमाशान मुकाबले के बाद वि.सं .- 1248 को वीर गति को प्राप्त हुवे ।

आस्थान जी के आठ पुत्र धुह्ड़जी, धांधलजी, चाचक जी, आसलजी, हरकाजी, खिव जी, जोपसा जी व बांदर थे ।

राव सिंहाजी (1273 ई. ) |राव आस्थान जी ( 1272-1292 ई.) |राव धुहड़ जी (1292-1309 ई.) |

मारवाड़ में राठौड़ राज्ये की स्थापना करने वाले राव सिंहाजी के पुत्र आस्थान जी थे । आस्थान जी के बाद मारवाड़ कि गद्दी पर धुहड जी बैठे ।

राव धुहड़ जी (1292-1309 ई.) ठिकाना - खेड़ ।

राव धुहड़ जी राठौड़ो कि कुलदेवी माँ नाग्नेच्या माता को मारवाड़ लेकर आये, और ठिकाना खेड़ के पास हि में एक जगह माता कि स्थापना कि जिसे अब नागाणा गाँव के नाम से जानते है ।धुहड़ जी ने आस-पास के 150 गांवो को जीत कर राज्ये का विस्तार किया ।

मंडौर धुहड़ जी ने प्रतिहारो से जीता, धुहड़ जी प्रतिहारो से युद्ध करते हुवे वि.सं. 1366 को वीर गति को प्राप्त हुवे ।

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