Thursday, 28 December 2017

राजा सुहेलदेव - शाभून राज्य (सालार मसूद गजनवी का आक्रमण-14 जून, 1033 ई.)

राजा सुहेलदेव - शाभून राज्य
राजा हरदेव - बलुना राज्य
बहराइच जिला गौंडा, उत्तर प्रदेश





सालार मसूद गजनवी का आक्रमण-14 जून, 1033 ई.


सालार मसूद महमूद गजनवी का भाणजा था । उसने एक बड़ी सेना के साथ बहराइच क्षेत्र में प्रवेश किया ।
उस समय उस क्षेत्र में अनेक राजा थे उनमें सबसे योग्य राजा कल्याण थे।
इन राजाओं ने सालार को दूत भेज कर कहलाया कि यह हमारा देश है और तुम विदेशी हो, अतः तुम्हें यहां से चले जाना चाहिए।
मसूद ने उत्तर दिया कि देश अल्ला का है जो मुझे निकालना चाहे लड़ कर निकाल दे ।

राजाओं ने कहा यह तो ईश्वर के नाम का दुरुपयोग और नाजायज इस्तेमाल है अत: उन्होंने युद्ध का निश्चय किया ।


मिराते मसूदी का लेखक लिखता है कि भारतीयों ने 5 हजार लोहे के कांटेदार गोले बना कर युद्ध भूमि में बिछा दिये जिससे विरोधी सेना के घोड़ों के पैर बेकार हो जाए। उन्होंने बारूद के ढेरों के आग लगा कर भयंकर आवाज करने की भी व्यवस्था की ।


जब युद्ध हुआ तो दोनों ओर के हजारों वीर मारे गए और कोई निर्णय नहीं हुआ । मुस्लिम सेनापति सालार सौफुद्दीन मारा गया ।
उनकी दो-तिहाई सेना नष्ट हो गई। इतनी देर में भारतीय सेना की रिजर्व सेना जो राजा सुहेलदेव और राजा हरदेव की कमाण्ड में थी,
उसने सालार मसूद जो अपने अंगरक्षकों के घेरे में था पर जोरदार धावा बोल दिया । बाणों को ऐसी झड़ी लगाई कि सालार मसूद मौके पर ही ढेर हो गया। उसके मरते ही तुर्क पलायन कर गये ।

इस युद्ध में निम्नलिखित भारतीयों के नाम मिराते मसूदी ने दिए हैं -
राजा राइब, राजा साहब, राजा अर्जुन, राजा भीकन, राजा जनक, राजा कल्याण, राजा मकरू, राजा सकरु, राजा कर्ण, राजा बीरबल, राजा जयपाल,
राजा श्रीपाल, राजा हरपाल, राजा हरकू, राजा प्रभू, राजा देवनारायण, राजा नरसिंह ।

सालार मसूद की कब्र बहराइच में मौजूद है ।

(भारत का इतिहास - भाग द्वितीय, इलियट डौसन मिराते मसूदी, परििशष्ट –जी)

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