Friday, 24 March 2017

भारत के विकास और समृद्धि का सबसे बड़ा विनाशकाल

भारत पर इस्लामी आक्रमण

Indian Holocaust

"Hellfire"- Maxmuller  "Barbaric"- James Tod.


भारत के लोगों ने हजारों वर्ष के इतिहास में किसी दूसरे देश पर कभी आक्रमण नहीं किया । पर मुसलमानों ने पहले अरब के लोगों को हिंसा के बल पर मुसलमान बनाया और फिर थाप में दूसरे देशों को मुसलमान बनाने और लूटने के लिये आक्रमण किये।
इस प्रकार 636 ई. में अरब के मुसलमानों ने भारत के महाराष्ट्र और फिर सिंध प्रदेश पर आक्रमण किया और वहाँ हिन्दुओं और बौद्धों ने विकट संग्राम किया।

सिंध पर अधिकार करके 725 ई. से उन्होंने राजस्थान पर आक्रमण प्रारम्भ किये जो रुक रुक कर चलते रहे। 1192 ई. में तुर्क मुसलमानों ने पृथ्वीराज चौहान के विरूद्ध सफलता प्राप्त  की और इस प्रकार पहले तुर्क मुसलमान फिर अफगानी और मुगल मुसलमानों ने भारत पर आक्रमण किए।

भारत पर मुसलमानी आक्रमणों की प्रकृति इस प्रकार थी 

1. पूरे देश में लगभग 30 हजार मंदिर तोड़े गए जो अरबी, फारसी के मुस्लिम लेखकों ने दर्ज किए है
   पढ़े- " Hindu temples what happened to them, "Islamic Evidence"  भाग और 2 by Sitaram Goel, Aditya Prakashan, New Delhi.

पांच प्रमुख मंदिर थे जिनका स्थान नहीं बदला जा सकता-

A. अवतार भूमि- अयोध्या में रामजन्म भूमि मंदिर को बाबर ने 1528 ई. में तोड़कर वहाँ "फ़रिस्तों के उतरने" का भवन बना दिया 

B. कृष्ण जन्म भूमि- यहाँ 1615 ई. के लगभग वीरसिंह देव बुन्देला ने 33 लाख रुपयों से भव्य मंदिर बनाया था जिसे औरंगजेब ने तोड़ वहाँ मस्जिद बना दी जो अभी भी है

C. ज्योतिर्लिंग भूमि- गुजरात में सोमनाथ मंदिर को महमूद गजनवी ने 1025 ई में तोड़ा और लुटा । 1314 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने और फिर औरंगजेब ने कुल तीन बार तोड़ा और लुटा और मस्जिद बना दी। आजादी के बाद Dr.K.M मुन्शी के प्रयास से जामनगर के जाम साहब और गुजरात के राजप्रमुख महाराजा दिगविजय सिंह और भारत के उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल ने वर्तमान मंदिर उसी भूमि पर मस्जिद को हटाकर बनाया जिसकी प्राण प्रतिष्ठा तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने की ।

D. 1234 में इल्तुमिश ने उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग मंदिर को तोड़कर वहीं पर मस्जिद बना दी जिसे 1734 ई के लगभग ग्वालियर के राजा राणोजी सिंधिया ने दीवान रामचन्द्रराव सेणवी द्वारा उसे तोड़कर फिर महाकाल मन्दिर बना दिया 

E. वाराणसी में काशी विश्वनाथ मन्दिर को औरंगजेब ने तोड़ वहाँ मस्जिद बना दी जो अभी भी है

F. जहाँगीर ने काँगड़ा के भवानी मन्दिर को तोड़ वहाँ गौ हत्या की और फिर वहाँ मस्जिद बनवाई। उसने पुष्कर में वराहजी के मंदिर को तोड़ा और पवित्र सरोवर में शिकार की।

शाहजहाँ ने नए मन्दिर बनाने  पर रोक लगाई और पुराने मन्दिरों की मरम्मत पर रोक लगाई 
The Mugal Empire- Bhartia Vidhya Bhawan, Mumbai.

2. देव प्रतिमाओं को तोड़कर मस्जिदों की सीढ़ियों में लगाया गया।

3.सारे देश में भीषण नरसंहार किए। साधु सन्यासियों को भी नहीं छोड़ा। इतिहास में केवल कुछ ही दर्ज हुए है
तैमूर ने एक लाख हिन्दू बन्दियों को मारा 
बलबन ने एक लाख मेव  राजपूतों को अलवर क्षेत्र में मारा।

जलालुद्दीन खिलजी ने हिन्दुओं के रक्त की नदियाँ बहा दी। आशिका अ. खुसरो, अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ जीतने के बाद के बाद 30 हजार निहत्थे हिन्दुओं को मारा अकबर ने चित्तौड़ में 30 हजार निहत्थे हिन्दुओं को मारा 1627 में अब्दुला अजबेग ने दो लाख हिन्दुओं का संहार किया और 5 लाख हिन्दुओं को दास बनाया जो मुसलमान बन गए।

4.जजिया टेक्स लगाया- हिन्दुओं को अपने जीवित रहने के लिए मुसलमान आक्रमणकारियों को जजिया टेक्स देना पड़ता था। अमीर खुसरो लिखता है कि यदि जजिया टेक्स नहीं होता तो हिन्दुस्तान का नाम निशान मिट जाता। बीमार और अपंग से भी जजिया लिया गया।

5.लगान- हिन्दुओं पर मुसलमानों की तुलना में बहुत लगान था। अलाउद्दीन खिलजी ने 50 प्रतिशत लगान लगाया। खिलजी ने हिन्दुओं को लकड़ी काटने और पानी भरने लायक ही छोड़ा।

6.दास बनाना- अलाउद्दीन खिलजी ने सोमनाथ मंदिर को तोड़कर वहाँ 20 हजार हिन्दू लड़कियों को दास बनाया। तैमूर ने सिरसा (हरियाणा) में हजारों हिन्दू लड़कियों को दास बनाया। हिन्दुओं की स्त्रियाँ कभी भी सुरक्षित नहीं थी।
महमूद गजनवी ने 5 लाख हिन्दुओं को दास बनाया। अकबर के हरम में 5 हजार लड़कियाँ थी।
(Akbar by Munnilal) (Mugal Haram-K.S. Lal)

7. हिन्दुओं की पुस्तकों को ग्रंथों कोजलाया गया। मोहम्मद बख्तियार खिलजी ने नालन्दा और ओदन्तपुरी विश्वविद्यालय जलाया। पाटनगुजरात के महाग्रन्थागार को अलाउद्दीन खिलजी ने जलाया
कोहना के संस्कृत भण्डार को फिरोज तुगलक ने जलाया। राजा भोज परमार के धार स्थित संस्कृत विद्यापीठ और राजा बीसलदेव चौहान के सरस्वती कंठाभरण को अजमेर में तोड़करजलाया गया
टीपू ने मैसूर का संस्कृत पुस्तकालय जलाया। औरंगजेब को जहाँ भी हिन्दुओं के ग्रंथ मिलते उन्हें जलवा देता।

बीकानेर के महाराजा अनूपसिंह दक्षिण से ऐसे हजारों ग्रंथों को बचाकर बीकानेर ले आए जो यहाँ संग्रहित हैं।

8. Bruno Giordano (1548-1599)
जिओरडन ब्रूनो इटली का दार्शनिक था जिसे पोप Innocent III ने उसके स्वतन्त्र विचारों के कारण रोम में जिन्दा जलवा दिया था, परन्तु भारत में उसके 212 वर्ष पहले ही 1387 मे दिल्ली के एक ब्राह्मण को मूर्तिपूजा नहीं त्यागने के कारण फिरोज तुगलक ने जिन्दा जलवा दिया

9. 1739 ई. में नादिरशाह और 1761 ई. में अहमदशाह के आक्रमण स्वरूप विनाशकारी कत्लेआम हुआ 

10. मुसलमानों ने भारत को कितना लूटा इसका संक्षिप्तवर्णन इस पुस्तक के अध्याय 5 मैं किया गया है। यह सब कृत्य मानव मूल्यों और नैतिक मूल्यों के विरूद्ध थे ।
संक्षेप  में मैक्समूलर के शब्दों में भारत पर मुसलमानी राज्य के भयानक अत्याचारों के बारे में पढ़ने के बाद मुझे आश्चर्य है कि इतनी स्वदेशी, सच्चाई और पवित्रता भारत में आज भी बच रही है 

"जब तुम मुसलमान आक्रमणकारियों के अत्याचार महमूद गजनवी से लेकर अंग्रेजों के आगमन तक का वर्णन पढ़ते हो तो मुझे आश्चर्य इस बात का है कि कैसे एक नरकाग्नि से यह देश जीवित बच रहा "

परन्तु हमारे ऋषि मुनियों का पुण्य जागा और धीरे-धीरे भारत से मुस्लिम शासन का अन्त हुआ 

इतिहास बोध के बिना मानव के विकास और अवरोध-विनाश को समझा नहीं जा सकता।
775 ई. से 1192 ई. तक का काल विदेशी आक्रमणों पर सफलता पूर्वक विजय का  काल रहा और 1192 ई. से 1761 ई. का काल मुस्लिम सत्ता का प्रतिरोध करने का काल रहा 

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