Wednesday, 20 December 2017

कनौज से मारवाड़ तक राठौड़ :-

कनौज और राठौड़ :-




राजा कोह्चंद ने 875 की साल मोती सावण रि बदी पाँचे ने कनौज बसायी !
इनके बाद के शासक .....

- कोह्चंद- मियाचंद- सोभागचंद प्रथम- दीपचंद- सरेचंद- सामचंद द्वितीय- सोभागचंद- अभेचंद- इन्द्र बाबूजी- करणजी- तुगनाथजी- भारिधजी- पुजजी !


पुजजी से राठौड़ो की पुराने समय में साढ़े 12 साखा बताई जाती है !


1. दानेसुरा (मारवाड़)2. अहरवा (अरवा)3. बुगालिया4. कुरा5. कुपालच्या6. खरुदा7. अभपुरा8. जवत्रराय9. परेकुश10. जालखडिया11. चन्देल (चंदरपाल जी से )12. बिरपुरा13. दहिया ( ये आधी साखा मानी जाती है )


- पुजजी- दानेसुरा- धनराज- रत्नाध्वज (कमध्ज)
कमध्ज :-

बिना शीश गजहते रत्ना ध्वज सशेर !ताते बाजे कमधजपति इत्यादी राठौड़ !


- कमध्ज- किशनदेव- मधुदुपीव- कलवन- रछजी- सदतरछ्जी- अभेचन्द- बीजचन्द- जयचन्द- प्रतापभाण जी- माणकचन्द जी- अगरचंद जी ( इन्होने आगरा बसाया )- पोह्सण जी- बिडदाई सेणी


मारवाड़ और राठौड़ :-

सेतराम जी ( 4 थी राणी सोने कँवर से सिंहजी का जन्म )


सौ कुँवर सेतराम के सतरावा धडके सहासगुणचासा सिंहा बड़े, सिंहा बड़े पचास !!

( * सितारा राजा के नाम के आगे लगाया गया है )


* राव सिंहजी ( 1212 - 1273)
1. * राव आस्थांजी ( 1223)-( 1273 - 1292) 2. सोनगजी से सोनगोत राठौड़ ये ईडर चले गये !
3. अजजी से बढ़ेला राठौड़ ये द्वारका चले गये !
4. गजजी !
* राव धूहड़ जी ( 1292 - 1309) ठिकाणा- खेड !
* राव रायसल जी ( 1309 - 1313 ) - लोकदेवता पाबूजी राठौड़ !
* राव कान्हा जी ( 1313 - 1323 )
* राव जलन्सी(जलसी ) ( 1323 - 1328 ) ये द्वितीय पुत्र थे !
* राव चाडा ( 1328 - 1344 )
* राव टिडाजी ( 1344 - 1357)
* राव सलखुजी ( 1357 - 1374) ये द्वितीय पुत्र थे !


जगमाल :-
पग-पग भेजा पड़िया, पग-पग पड़ी ढाल !
बीबी पुछे खान सुं, ई जुग किता जगमाल !!


* राव विरमदेव ( 1374 -1383) ये तृतीये पुत्र थे ! प्रथम पुत्र राव मलिनाथ ( 1373 -13 99) - गोगादे !


मण्डोर :-


* राव चूंडाजी ( 1399 -1423 या 1376 -1422 ई .सन )


ईन्दा रा उपकार कमधज कदे न बिसरै !
चुन्ड़ो चंवरी चाड मण्डोर दिनों दायजे !!


* राव कान्हा जी ( 1424 - 1427)

* राव रिडमल जी ( 1427 -1438) - अखेराजजी ठिकाणा - बगड़ी !


इन्होने मेवाड़ कुम्भा के हाथो से जाने से बचायी !
आमेर कायमखानीयो से जीती और कच्छावो को सोंपी !
अजमेर मुस्लिम सुल्तान से जीती !
इन्होने पड़ोसी राजपूत राज्यों की सहायता में जीवन बिताया नही तो मारवाड़ पता नही कहा तक होता !


जोधपुर :-


* राव जौधाजी ( 1453 - 1489 ) !
* राव सातलजी ( 1489 - 1492) !
* राव सुजाजी (1492 - 1515) - बागाजी !
* राव बिरमदेव ( 1515 - 1515) ये बागाजी जी के पुत्र थे !
* राव गांगा जी (1515 - 1532 ) -खानवा युद्ध में भाग लिया !


मुगल काल :-


* राव मालदेव जी ( 1532 - 1562) - 52 युद्ध किये,52 गाँव विजेता !
* राव चन्द्रसेन ( 1562 - 1565) मारवाड़ के प्रताप !
* राव - राजा उदय सिंह ( 1583 - 1595) राजा की पदवी इनके समय से शुरू हुयी !
* सवाई राजा सूरजमल (1595 - 1619) !
* महाराजा गज सिंह प्रथम ( 1619 - 1638) !
* महाराजा जसवन्त सिंह ( 1638 - 1678) - अमर सिंह राठौड़ ! - राजा राय सिंह !
* राजा अजित सिंह ( 1679 - 1724 ) ! - इंद्र सिंह !
* राजा अभय सिंह ( 1724 - 49) !

* राजा राम सिंह प्रथम ( 1749 - 1751) !
रामा से राजी नही उतर दिनों देश !
जौधाणो झाला देवे आव धनी बकतेश !!


* राजा बखत सिंह ( 1751 - 1752) !
* राजा विजय सिंह प्रथम ( 1752 - 1753 ) !
* राजा राम सिंह द्वितीय ( 1753 - 1772 ) !
* राजा विजय द्वितीय ( 1772 - 1793 ) !
* राजा भीम सिंह ( 1793 - 1803 ) !


ब्रिटिश काल :-


* राजा मान सिंह ( 1803 - 43) !
*ग्रेट सर राजा तखत सिंह ( 1843 - 73) !
* राजा जसवंत सिंह द्वितीय ( 1873 - 95) ! केसर -ए -हिन्द !
* राजा सरदार सिंह ( 1895 - 1911) !
* राजा सुमेर सिंह ( 1911 - 18 ) !
* राजा उम्मेद सिंह ( 1918 - 1947) !
* राजा हनुमन्त सिंह जी ( 9 जून 1947 - 15 अगस्त 1947) !

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