Monday, 13 July 2015

प्रमाण अलेखूं पुख्ता है ।

                                                 प्रमाण अलेखूं पुख्ता है ।


प्रमाण अलेखूं पुख्ता है, इतिहास जिकण रो साखी है।
इण आजादी री इज्जत नैं, म्हे राजस्थान्यां राखी है।।

म्हैं इतिहासां में बांच्योड़ी, साचकली बात बताऊं हूं।
घटना दर घटना भारत रै, गौरव री गाथ सुणाऊं हूं।

इण गौरवगाथा रै पानां में, सोनलिया आखर म्हारा है।
कटतोड़ा माथा, धड़ लड़ता, बख्तर अर पाखर म्हारा है।

धारां धंसतोड़ां, भड़बंकां, मर कर राखी है आजादी।
सिंदूर, दूध अर राखी री, कीमत दे राखी आजादी।

म्हे रीझ्या सिंधू रागां पर, खागां री खनकां साखी है।
इण आजादी री इज्जत नैं, म्हे राजस्थान्यां राखी है।।

No comments

Post a comment