Wednesday, 9 September 2015

हठीलो राजस्थान ।।

हठीलो राजस्थान

हरवल रह नित भेजणा, चुण माथा हरमाल ।
बाजै नित इण देस रा, तो माथै त्रम्बाल ।।

तुने सदैव युद्ध-भूमि की अग्रिम पंक्ति में रहकर 
भगवान शिवजी की मुण्ड-माला के लीए चुन-चुन कर शत्रुओं के शीश भेजे हैं ।
तेरे बाहु-बल के भरोसे ही इस देश के रण-वाध्य ( नगाड़े ) बजते आये हैं ।।

साभार - हठीलो राजस्थान
लेखक - आयुवान सिंह हुडील

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