Friday, 1 December 2017

राजपूत क्षत्रिय शाही राजवंश - राजकुमार संदपाल शाही -1043 ई.

राजपूत क्षत्रिय शाही राजवंश - राजकुमार संदपाल शाही -1043 ई.


गजनवी शासकों के आपसी झगड़ों और उनके प्रदेशों की अराजकता का लाभ उठा कर दिल्ली के तोमर राजकुमार पालदेव ने अन्य राजाओं से मिल कर मुसलमानों को हांसी क्षेत्र से मार भगाया । आगे बढ़ उन्होंने कांगड़ा दुर्ग को चार मास तक घेरे रखा और फिर मुसलमानों को मार कर वहां अधिकार कर लिया ।

अब हिन्दू राजाओं ने जिनमें राजकुमार सन्दपाल भी था, ने लाहौर जीतने हेतु सैनिक प्रयाण किया । इस सेना ने लाहौर और तकेश्वर दुर्ग पर घेरा डाला । मुस्लिम सेना तकेश्वर की रक्षा के लिए रवाना हुई जिसका भारतीय सेना ने सामना किया । हिन्दुओं की जीत हो रही थी और मुसलमान बहुत कमजोर पड़ गए थे तभी एक तीर सन्दपाल के आ लगा और वह शहीद हो गया।

इस प्रकार 60 वर्ष तक स्वदेश और स्वधर्म के लिए लड़ने वाला यह क्षत्रिय शाही राजवंश अमर हो गया ।

महमूद गजनवी के आश्रित इतिहासकार अरब यात्री अलबरूनी ने शाही राजवंश को देश रक्षा के लिए इस प्रकार श्रद्धांजलि दी है -
''वे अपने यश वैभव में कभी शिथिल नहीं हुए।''
''वे महान भावनाओं और ऊँचे संस्कारों के धनी थे ।''

(पूर्ववर्ती मुस्लिम आक्रान्ताओं का भारतीयों द्वारा प्रतिरोध-1206 ई. तक- डॉ. रामगोपाल मिश्र)
(सल्तनत काल में हिन्दू प्रतिरोध-डॉ. अशोक कुमार सिंह, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी की पीएच.डी. हेतु स्वीकृत शोध ग्रंथ, पृष्ठ 38 से 69)

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