Sunday, 13 July 2014

आ धरती गोरा धोरां री, आ धरती मीठा मोरां री !

आ धरती गोरा धोरां री, आ धरती मीठा मोरां री !
ई धरती रो रुत्बो ऊँचो, आ बात कवै कुंचो कुंचो !

आं फोगां में निपज्या हीरा, आं बांठा में नाची मीरा !
पन्ना री जमाण आ सागण, आ ही प्रताप री माँ भागण !

दादू रैदास कथी वाणी, पीथळ रै पाण रयो पाणी !
जोहर री जागी आग अठै, रळ मिलग्या राग विराग अठै !

तलवार उगी रण खेतां में, इतिहास मंडयोड़ा रेता में !
बो सत रो सीरी आडावळ, बा पत री साख भरे चम्बळ !

चुण्डावत मांगी सैनाणी, सिर काट दे दियो क्षत्राणी !
ई कूख जलमिया भामासा, राणा री पूरी मन आसा !

बो जोधो दुर्गादास जबर, भीड़ लीन्ही दिल्ली स्यो टक्कर !
जुग जुग में आगीवाण हुया, घर गली गांव घमसाण हुया !

पग पग पर जागी जोत अठै, मरणे स्यूं मधरी मोत अठे !
रूं रूं में छत्र्या देवळ है, आ अमर जुन्झारा री थळ है !

हर एक खेजडा खेड़ा में, रोहिड़ा खिम्प कंकेडा में !
 मारू री गूंजी राग अठे, बलिदान हुया बेथाग अठे !

आ मायड़ संता सूरा री, आ भोम बांकुरा वीरा री !
 आ माटी मोठ मतीरा री, आ धूणी ध्यानी धीरा री !

आ साथण काचर बोरा री, आ मरवण लुआ लोरा री !
 आ धरती गोरा धोरा री, आ धरती मीठे मोरा री !

आ धरती गोरा धोरा री, आ धरती मीठे मोरा री !

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